*जीवन का कैल्कुलेशन * *बहुत बार किया।* *लेकिन, "सुख-दुःख" का* *एकांउट" कभी समझा ही नहीं!* *जब टोटल किया तो समझ आया...* *"कर्मो" के सिवा.....* *...कुछ भी बैलेंस रहता नहीं !*
*जीवन में ये तीन गलतियां कभी न करे * *इंसान की सुंदरता को रंग से देखना * *बच्चों की शिक्षा को मार्क्स से देखना और* *बड़े आदमी का सम्मान को पैसे से देखना* *जीवन सूत्र और * *पाँवो में यदि जान हो तो मंज़िल दूर नहीं* *दिल में यदि स्थान हो तो अपने दूर नहीं* राम राम जी
लगभग 300 पृष्ठों की यह पुस्तक “गाँधी हत्या” से जुड़े लगभग सभी दस्तावेजों एवं प्रमाणों को सचित्र रूप से पेश करती है. पुस्तक में मुख्य रूप से नथूराम का वह वक्तव्य है जो उन्होंने ने बकायदा कोर्ट के अनुमति से खुली अदालत में दिया था. जिसके बारे में उस मामले के तत्कालीन जज ‘JUSTICE KHOSLA’ ने अपनी किताब “ The murder of the Mahatma” में लिखा है:- “I have however no doubt that had the audience of that day been constituted into a jury and entrusted with the task of deciding Godse’s appeal, they would have brought in a verdict of ‘not guilty’ by overwhelming majority.” -(The Murder of Mahatma, Page 234) नथूराम गोडसे ने कहा था कि- “यदि देशभक्ति पाप है तो मैं मानता हूँ, मैंने पाप किया है. यदि प्रशंसनीय है तो मैं अपने आपको उस प्रशंसा का अधिकारी समझता हूँ. मुझे विश्वास है कि मनुष्य द्वारा स्थापित न्यायालय के ऊपर कोई न्यायालय हो तो उसमें मेरे काम को अपराध नहीं समझा जाएगा. मैंने देश और जाति की भलाई के ल...
यस बैंक जैसी स्थितियाँ किसी भी प्राइवेट कंपनी में पैदा हो सकती हैं। वहाँ पर मैनेजमेंट का अंदरूनी मसला था। किसी प्राइवेट बैंक के कामकाज में सरकार या रिज़र्व बैंक की दखल एक हद तक ही होती है। चूँकि इस मामले में बहुत सारे आम लोगों का पैसा फँसा है इसलिए मीडिया अफ़वाहें फैलाकर लोगों को डराने में लगा है। जो लोग भी इस मामले में दिलचस्पी रखते हैं उनकी जानकारी के लिए कुछ तथ्य: ---- - सरकारें किसी बैंक को डूबने नहीं देती है। ग्लोबल ट्रस्ट बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और IDBI जैसे ढेरों उदाहरण है। - सरकार के पास SBI और LIC जैसे ढेरों तरीके हैं जिससे ऐसे बैंकों को मुश्किल से बाहर निकाला जा सकता है। - यस बैंक की बैलेंसशीट की हालत ख़स्ता थी, इसलिए रिज़र्व बैंक ने इसके बोर्ड को टेकओवर कर लिया है। - ये कार्रवाई एकदम सही समय पर हुई है। देरी होती तो सरकार की नीयत पर सवाल उठते। - किसी का एक भी पैसा नहीं डूबेगा। बस अभी कुछ दिन के लिए पैसा निकालने पर लिमिट लगी है। - अगर किसी के घर मेडिकल इमर्जेंसी या शादी वग़ैरह है तो वो ज़्यादा पैसा निकाल सकता है। - नेट बैंकिंग अभी इसलिए क्रैश हो रही है क्योंकि अच...
अहम सूचना :- कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नही हैं। केवल आपको कुछ सावधानियां बरतनी हैं। जैसे :- सबसे ज्यादा नोट/रुपए ही है जो पूरे दिन में न जाने कितनों के संपर्क में आते हैं। अतः पहले ग्लव्स पहने। फिर नोट/रुपए गिनकर एक एयर टाइट बॉक्स में बन्द करे। उसके बाद #मुझे मेरे नंबर पर फोन करें। मैं उन्हें आपसे ले लूंगा। ये मैं केवल समाज कल्याण हेतु कर रहा हूँ। अतः इसे स्वार्थ की भावना से न देखा जाए।🙏☺😬🙏🔨
*प्यारी अरदास :* हे सच्चे पातशाह ! तू साडे जिस्म ते, साडी रूह नूं नेक कर दे । साडे हर फैसले विच, तेरी रजा़ शामिल कर दे । जो त्वाडा हुकम होवे, ओ साडा इरादा कर दे । ते जो इह अरदास पढ़ के आगे भेजे, ओदी हर तमन्ना पूरी कर दे.
#नानक नाम चड़दी कला तेरे भाने सरबत दा भला* #नामकाफल संसार का भ्रमण करते हुए गुरु नानक सच्चे पातशाह ओर मरदाना किसी जंगल से जा रहे थे! मरदाना ने कहा महाराज बहुत भूख लगी हैं! नानक जी नो कहा मरदाना रोटियां सेंक ले मरदाना ने कहा बहुत ठंड हैं ना तो कोई चुल्हा हैं और न ही कोई तवा हैं और पानी भी बहुत ठंडा हैं तालाब छोटा था जैसे ही गुरु नानक जी ने तालाब को पानी को स्पर्श किया तो पानी उबाल मारने लगा! नानक देव जी ने कहा मरदाना अब रोटी सेंक ले! मरदाने ने आटे की चक्कियां बना कर उस तालाब में डालने लगें, रोटियां तो सिक्की नहीं आटे की चक्की डूब गई, दुसरी चक्की डाली वह भी डूब गई फिर एक ओर डाली वह भी डूब गई! मरदाना नो आकर नानक जी से कहा कि महाराज आप कहते हो रोटियां सेंक ले रोटियां तो कोई सिक्की नहीं बल्कि सारी चक्कियां डूब गई! सच्चे पातशाह कहने लगे मरदाना नाम जप कर रोटियां सेंकी थी, मरदाना चरणों में गिर गया महाराज गलती हो गई! नानक देव जी कहने लगे मरदाना नाम जप कर रोटियां सेंक मरदाना ने नाम जप कर पानी में चक्की डाली तो चमत्कार हो गया रोटियां तो सिक्क गई बल्कि डूबीं हुई रोटियां भी तैर कर ऊपर आ ग...